Home » Archives film reviews

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर- दबंग

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर दबंग डायरेक्शन, कहानी, संवाद, स्क्रीनप्ले, कास्टिंग, कलाकार, अदाकारी की बात अगर छोड़ दें तो मैं पूरे दावे के साथ कह सकता हूं कि फिल्म आपको बेहद पसंद आएगी। इनको छोड़ने के बाद फिल्म में बचेगा अजीब एक्शन, बेवजह गाने,... 

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर- अंजाना अंजानी

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर अंजाना अंजानी कॉमिक होते होते रह जाने वाले कई सीन। इमोशनल होते होते रह जाने वाले कई दृश्य। दिलचस्प होते होते रह जाने वाली कई अंजान गुंजाईशों का सिलसिला यह फिल्म। दो किरदार, केवल। टूटा दिल, खाली जेब लिए, बेफिक्री... 

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर ‘लफंगे परिंदे ‘

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर ‘लफंगे परिंदे ‘ कोई फिल्म अगर दूसरे हाफ से शुरू होती सी लगे तो सिनेमा हॉल में लेट पहुंचने का मलाल चला जाता है। इस बार नतीजा पहले। कहानी से खिलवाड़, किरदारों के नाम पर मज़ाक, बेअसर फिल्म की मिसाल और दर्शकों... 
Tags: ,

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर पीपली लाईव

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर पीपली लाईव लाईव होने की बजाय पीपली लाईव एक रिकार्डिंग है नत्था जैसे न जाने कितने उन लोगों की जो होते हुए भी नहीं हैं। छोटी फिल्म में बड़ी समस्याओं को कम किरदारों के ज़रिए दर्शाती पीपली की कहानी। गरीब किरदारों... 
© 2010 BiharDays    
   · RSS · ·
Powered By Indic IME