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Hazarika reinstated at Guwahati University after 6 decades: as digital archive!

Young Bhupen Guwahati: Almost six decades ago, Bhupen Hazarika was compelled to quit his job as assistant lecturer at Gauhati University due to his purported association with leftists. Instead, the zazabor (wanderer) found place in every Indian’s heart. The university’s decision to shun Hazarika in the 1950s was triggered by his association with the leftist Indian People’s Theatre Association and his visit to Russia. Ironically, the same varsity gave the great poet his due respect after his death. Not only is GU planning a grand memorial for the singer, the varsity also inaugurated... 

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर:फिल्म ‘Tanu wedsManu’

सौरभ की समीक्षा सौरभ का फ़िल्मी चक्कर फिल्म ‘Tanu wedsManu’ इस शादी में जाने की कोई ज़रूरत नहीं। दर्शक बिन बुलाए मेहमान की तरह महसूस करता है। कोई कैसे बना सकता है ऐसी फिल्म जिसमें हर दस मिनट बाद लगे कि क्या यार बेवकूफ बनाए जा रहे हैं। फिल्म... 

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर: 7 खून माफ

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर सौरभ का फ़िल्मी चक्कर ७ खून माफ़ ज़बरदस्त। कोई और उपयुक्त शब्द नहीं सूझ रहा था। समीक्षक को निर्देशक अगर फिल्म का प्रचारक बनने पर मजबूर करता सा दिखे तो उसका नाम विशाल भारद्वाज ही हो सकता है। तमाम बहाने छोड़ फिल्म... 

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर: ये साली जिंदगी

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर सौरभ का फ़िल्मी चक्कर ये साली जिंदगी बेहतरीन फिल्म। फिल्मी खांचे को तोड़ती, कई परतों पर चलते रिश्तों और उनसे उपजी कहानियों को सुलझे हुए तरीके से सामने लाती। एकाध बड़े और कुछ अनजान कलाकारों को एक कहानी में कैसे... 

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर-धोबी घाट

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर सौरभ का फ़िल्मी चक्कर धोबी घाट एक बेवफा शहर की दास्तान, आमिर खान की नई फिल्म मानो जैसे एक उपन्यास है। फिल्मी उपन्यास। वो जिसे पहले किरन राव ने मन में गढ़ा, कागज़ पर उतारा और फिर फिल्माया। कुछ जिंदगियों के केवल... 

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर-No one killed Jessica

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर सौरभ का फ़िल्मी चक्कर No One killed Jessica Film Review आकर्षक न्यूज़ टाईटल से अपनी ओर खींचती, उसमें छिपे सवाल को उठाती, अंधे कानून के सामने लोगों को अंधा न होने के प्रति सचेत करती, किरदारों के जीवन के तनाव को दर्शकों का बनाती, सिनेमा... 

Saurabh ka filmi Chakkar- Tees Maar Khan film review

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर सौरभ का फ़िल्मी चक्कर तीस मार खां तवायफ की लुटती इज्ज़त बचाना और तीस मार खां फिल्म को देख तारीफ करना– दोनों बेकार हैं। छुड़ाना कुत्ते के मुंह से हड्डी और लुटाना इस फिल्म पर अपनी नोटों की गड्डी– दोनों बेकार... 
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Saurabh reviews- Phas gaye re Obama

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर सौरभ का फ़िल्मी चक्कर फिल्म ‘फँस गए रे ओबामा’ फिल्म की कहानी जब किरदार, कलाकार, बजट, डायरेक्टर के नाम से आगे जाती दिखाई दे तो उसे देख लेना चाहिए। छोटी सी रोचक कहानी, छोटे कलाकारों के साथ बनी, छोटे बजट के कारण... 

Saurabh ka filmi Chakkar- Film review Gujaarish

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर सौरभ का फ़िल्मी चक्कर गुज़ारिश इस बार रिव्यू पढ़ने से पहले मन में एक जवाब तलाश करें। बात इस बार दर्शकों की पहले करेंगे फिल्म की नहीं। खुद से ये सवाल पूछें कि आप अच्छे दर्शक हैं या खराब दर्शक। खराब हैं तो इस फिल्म... 

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर-हिस्स्स…

सौरभ का फ़िल्मी चक्कर सौरभ का फ़िल्मी चक्कर हिस्स्स… इस बार समीक्षा केवल पब्लिक डिमांड पर। वो भी इसलिए कि न जाने कितने लोगों को यह बताकर थक गया हूं कि जब भी बेहद खराब फिल्मों का इतिहास लिखा जाएगा, तो उसमें भी मल्लिका शेरावत की फिल्म... 
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